Category Archives: Satire

अखिल भारतीय हिन्दी ब्लॉगिंग सम्मेलन, शिवकुटी, इलाहाबाद


अखिल भारतीय हिन्दी ब्लॉगिंग सम्मेलन हुआ, काहे से कि इसमें यूपोरियन और कलकत्तन प्रतिनिधित्व था। और कई महान ब्लॉगर आ नहीं पाये। उन तक समय से निमन्त्रण नहीं पंहुच पाया। मच्छर भगाने के लिये हाई पावर हिट का प्रयोग किया … पढना जारी रखे

Posted in ब्लॉगरी, व्यंग, हिन्दी, Blogging, Hindi, Satire | 4 टिप्पणियाँ

गुल्ले; टेम्पो कण्डक्टर


वह तब नहीं था, जब मैं टेम्पो में गोविन्द पुरी में बैठा। डाट की पुलिया के पास करीब पांच सौ मीटर की लम्बाई में सड़क धरती की बजाय चन्द्रमा की जमीन से गुजरती है और जहां हचकोले खाती टेम्पो में … पढना जारी रखे

Posted in आस-पास, व्यंग, Satire, Surroundings | टिप्पणी करे

आखरी सुम्मार


मन्दिर को जाने वाली सड़क पर एक (अन)अधिकृत चुंगी बना ली है लुंगाड़ो नें। मन्दिर जाने वालों को नहीं रोकते। आने वाले वाहनों से रोक कर वसूली करते हैं। श्रावण के महीने में चला है यह। आज श्रावण महीने का … पढना जारी रखे

Posted in आस-पास, व्यंग, Satire, Surroundings | 27 टिप्पणियाँ

तारेक और मिचेल सलाही


हम ठहरे घोंघा! सेलिब्रिटी बन न पाये तो किसी सेलिब्रिटी से मिलने का मन ही नहीं होता। किसी समारोह में जाने का मन नहीं होता। कितने लोग होंगे जो फलानी चोपड़ा या  ढ़िकानी सावन्त के साथ फोटो खिंचने में खजाना … पढना जारी रखे

Posted in विविध, व्यंग, Satire, Varied | 34 टिप्पणियाँ

चप्पला पहिर क चलबे?


एक लड़की और दो लड़के (किशोरावस्था का आइडिया मत फुटाइये), छोटे बच्चे; दिवाली की लोगों की पूजा से बचे दिये, केले और प्रसाद बीन रहे थे। तीनो ने प्लास्टिक की पन्नियों में संतोषजनक मात्रा में जमा कर ली थी सामग्री। … पढना जारी रखे

Posted in आस-पास, गंगा नदी, ब्लॉगरी, व्यंग, Blogging, Ganges, Satire, Surroundings | 33 टिप्पणियाँ

लिबरेशनम् देहि माम!


अद्भुत है हिन्दू धर्म! शिवरात्रि के रतजगे में चूहे को शिव जी के ऊपर चढ़े प्रसाद को कुतरते देख मूलशंकर मूर्तिपूजा विरोधी हो कर स्वामी दयानन्द बन जाते हैं। सत्यार्थप्रकाश के समुल्लासों में मूर्ति पूजकों की बखिया ही नहीं उधेड़ते, … पढना जारी रखे

Posted in आस-पास, गंगा नदी, धर्म, व्यंग, Dharma, Ganges, Satire, Surroundings | 45 टिप्पणियाँ

यह कैसी देशभक्ति?


एस जी अब्बास काज़मी का इण्टरव्यू जो शीला भट्ट ने लिया है, काफी विस्तृत है। फॉण्ट साइज ८ में भी यह मेरे चार पन्ने का प्रिण्ट-आउट खा गया। पर पूरा पढ़ने पर मेरा ओपीनियन नहीं खा पाया! आप यह इण्टरव्यू … पढना जारी रखे

Posted in ब्लॉगरी, राजनीति, विविध, व्यंग, Blogging, Politics, Satire, Varied | 38 टिप्पणियाँ

फोड़ का फुटकर व्यापार


  कार से लिया साइकल पर कोयला ढोते लोगों का चित्र। धनबाद से सड़क मार्ग से चास-बोकारो जाते सड़क पर मैने चालीस पचास लोग साइकल पर कोयला ढोते देखा। ये लोग महुदा मोड़ से दिखना प्रारम्भ हो गये थे। हर … पढना जारी रखे

Posted in अर्थ, आस-पास, व्यंग, Economy, Satire, Surroundings | 28 टिप्पणियाँ