जवाहिर लाल नहीं रहा!

दीर्घा

This gallery contains 1 photo.


पिछले सप्ताह इलाहाबाद गया था। शिवकुटी। गंगा किनारे तो नहीं गया, पर गड्डी गुरु (वीरेंद्र वर्मा) को मेरे आने का पता चला था तो मिलने चले आये थे घर पर। गड्डी गुरू से ही पता चला बाकी लोगों के बारे में … Continue reading

सुहानी मिश्र

दीर्घा

This gallery contains 5 photos.


एक-डेढ़ दशक पहले वह मेरा चेम्बर हुआ करता था – रतलाम रेल मण्डल के वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक का। आज मैं सामने की कुर्सी पर बैठा था। पहले से बेहतर था वह कमरा। सोफा, बदली हुई मेज और कम्प्यूटर आदि। … Continue reading

सहुआरी के मिसिर जी

दीर्घा

This gallery contains 4 photos.


हमारी निरीक्षण स्पेशल ट्रेन धीमी हो गयी थी – उस जगह पर एक ट्रैक का घुमाव था और उस घुमाव का निरीक्षण करना था महाप्रबन्धक और उनके विभागाध्यक्षों की टीम को। चालक धीमी चाल से बढ़ रहा था कि नियत … Continue reading

खत्म हो फोटोग्राफ़र्स का व्यवसाय

दीर्घा

This gallery contains 1 photo.


मैं गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने गया था। हॉल खचाखच भरा था। रेलवे के परिवार थे। रेलवे के स्कूलों के छात्र-छात्रायें थे और बाहरी व्यक्ति भी थे। मीडिया वाले भी। कार्यक्रम का स्तर अच्छा … Continue reading

गोल्फार के सफाई वाले

दीर्घा

This gallery contains 9 photos.


शनीवार का सवेरा। दस बज गया था पर धूप नहीं निकली थी। रात में कोहरा नहीं था, पर धुन्ध बनी हुई थी। यकीन इस लिये भी था कि स्मार्टफोन का एप्प भी मिस्ट बता रहा था। कोई काम न हो … Continue reading

कउड़ा

दीर्घा

This gallery contains 4 photos.


आज तीसरा दिन था, घाम नहीं निकला। शुक्रवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा। शीत। शनीचर के दिन कोहरा तो नहीं था, पर हवा चल रही थी और पल पल में दिशा बदल रही थी। स्नान मुल्तवी कर दिया एक … Continue reading

राजनीति ज्वाइन करो

दीर्घा

This gallery contains 1 photo.


वह नौजवान महिला थी। हिजाब/बुर्का पहने। श्री सुरेश प्रभु, रेल मंत्री महोदय की जन प्रतिनिधियों से भेंट करने वाले समूह में वह भी थी। अकेली महिला उन प्रतिनिधियों में। वाराणसी रेल मण्डल के सभागृह में उन्हे पिछले सप्ताह बुलाया गया … Continue reading

गोरखपुर में बंगाली – श्री प्रतुल कुमार लाहिड़ी से मुलाकात

दीर्घा

This gallery contains 3 photos.


अचिन्त्य लाहिड़ी ने मुझे बताया था बंगाली लोगों के विगत शताब्दियों में गोरखपुर आने के बारे में। उन्होने यह भी कहा था कि इस विषय में बेहतर जानकारी उनके पिताजी श्री प्रतुल कुमार लाहिड़ी दे सकते हैं। श्री लाहिड़ी से … Continue reading